श्री एस.सी. जोशी, विशिष्ट वैज्ञानिक एवं निदेशक, आरआरकेट  

श्री सतीश चन्द्र जोशी, विशिष्ट वैज्ञानिक दिनांक 01 अप्रैल, 2019 से राजा रामन्ना प्रगत प्रौद्योगिकी केंद्र, इंदौर के निदेशक नियुक्त किए गए हैं।

श्री सतीश चन्द्र जोशी ने उज्जैन के सरकारी इंजीनियरिंग महाविद्यालय से यांत्रिकी इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री प्राप्त की एवं भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र प्रशिक्षण विद्यालय से 1982 में 1 वर्षीय अभिमुखीकरण पाठ्यक्रम सफलतापूर्वक पूरा किया। तत्पश्चात देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर के प्रबंध अध्ययन संस्थान से एमबीए की डिग्री प्राप्त की। इन्होने वर्ष 2000-2001 में उच्च ऊर्जा त्वरक संगठन, केइके, जापान में विजिटिंग वैज्ञानिक के रूप में भी अपनी सेवाएं प्रदान की हैं।

इन्होने अपनी सेवाएँ भाभा परमाणु अनुसन्धान केंद्र (भा.प.अ.के.) में क्रायोजेनिक प्रणाली की डिजाइन एवं विकास के साथ शुरू की। श्री जोशी 1986 में राजा रामन्ना प्रगत प्रौद्योगिकी केंद्र, इंदौर में स्थानांतरित हुए तथा इस नए स्थापित किए गए केंद्र में शुरुवात में आने वाले प्रमुख वैज्ञानिकों में से एक हैं। इन्होने अपनी प्रेरणा, ऊर्जा एवं तकनीकी क्षमता का उपयोग कण त्वरकों की उच्च प्रौद्योगिकी क्षेत्र के अनुसंधान एवं विकास के लिए आवश्यक संरचना एवं सुविधाओं को स्थापित करने में किया। इसके साथ-साथ ये आरआरकेट एवं भा.प.अ.के. सहयोगियों के साथ भविष्य के त्वरक कार्यक्रम की डिज़ाइन एवं विकास प्रणाली के कार्यों में सक्रिय है।

आरआरकेट में अपनी दीर्घ अवधि एवं यशस्वी सेवा के दौरान इन्होने विभिन्न कार्यक्रमों एवं परियोजनाओं का संचालन किया है। बहुत सी प्रगत प्रौद्योगिकीय उपलब्धियों का श्रेय भी इन्हें जाता है। इन्होने प्रमुख क्षेत्रों में आरआरकेट द्वारा किए जाने वाले कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिसमें इनका योगदान – स्वदेशी संसाधनों से निर्मित क्रायो- रेफ्रीजरेटर, टर्बो मॉलिक्यूलर पम्पस, यूएचवी डिवाइसेस, 2K पर सुपरकंडक्टिंग कैविटीज का परीक्षण, इत्यादि कार्यों में रहा है। इनमें से अधिकतर प्रौद्योगिकीयों को देश में पहली बार विकसित किया गया है तथा ये प्रौद्योगिकीयां देश में आत्म-निर्भरता का मार्ग प्रशस्त करेंगी।

प.ऊ.वि. के उच्च शक्ति प्रोटोन त्वरक कार्यक्रम के लिए निम्न ताप पर सुपर कंडक्टिंग रेडियो फ्रीक्वेंसी (एससीआरएफ) कैविटीज के संविचरण, संसाधन एवं अभिलक्षणन हेतु विश्वस्तरीय सुविधाएँ इनके नेतृत्व में स्थापित की गई हैं। इन सुविधाओं का उपयोग करते हुए एससीआरएफ कैविटीज की श्रृंखलाओं को विकसित कर उनका अभिलक्षणन किया गया।

श्री जोशी वर्तमान में स्पन्द स्पेलेशन न्यूट्रॉन स्त्रोत के लिए उच्च शक्ति प्रोटोन त्वरक विकास कार्यक्रम का नेतृत्व आरआरकेट की अनुसंधान एवं विकास गतिविधियों के लिए शीर्ष परियोजना संयोजक के रूप में कर रहे हैं। स्पेलेशन न्यूट्रॉन स्त्रोत थोरियम के उपयोग द्वारा ऊर्जा सुरक्षा एवं प्रगत पदार्थ विज्ञान अध्ययन में शोध के लिए एक प्रगत अनुसंधान सुविधा के रूप में कार्य करेगा।

उच्च प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में आपकी इस विशेषज्ञता एवं कुशाग्रता के कारण आपकी विभिन्न तकनीकी समितियों में प्रमुख भूमिका है, जैसे- प्रोद्योगिक समन्वयक (Technical Coordinator) - Indian Institutions and Fermilab (USA) Collaboration (IIFC), सदस्य (Member) - Asian Committee for Future Accelerators (ACFA) व सदस्य (Member) - Apex Committee for Accelerator Development in India। प.ऊ.वि. द्वारा चलाई जा रही गतिविधियों में इनके द्वारा दिए गए महत्वपूर्ण योगदान की सराहना करते हुए, प.ऊ.वि. द्वारा अनेकों तकनीकी उपलब्धि सम्मानों से अलंकृत किया है।

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